गीता भवन चौक स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा में होला मोहल्ला समागम हर्षोल्लास से मनाया गया। गुरुद्वारा साहिब में श्री सुखमनी साहिब पाठ कर कीर्तन किया गया। समागम में क्षेत्र की संगम ने दरबार साहिब में मत्था टेक कीर्तन सुना। कार्यक्रम में ढाडी जत्था गुरदेव सिंह व विजय सिंह वीर ने साथियों के साथ संगत को गुरु इतिहास सुनाया। तत्पश्चात संगत के लिए लंगर लगाया। लंगर में संगत ने गुरु प्रसाद चखा। गुरुद्वारा साहिब के महासचिव परमजीत सिंह ने बताया कि सिख जगत में इस त्योहार को कौमी त्योहार के रूप में मनाया जाता है। होला मोहल्ला की शुरुआत वर्ष 1680 में किला आनंदगढ़ साहिब में गुरु गोविंद सिंह ने की थी। इसका उद्देश्य सिखों को तन व मन से मजबूत कर उनमें वीरता का जज्बा जगाना है। कार्यक्रम में सरदार मोहन सिंह मनोचा, गुरप्रीत सिंह व जरनैल सिंह सहित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।