अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय स्थित डीआरडीए हॉल में मंगलवार को हुई जिला परिषद की बैठक उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब विकास कार्यों की अनदेखी और अधिकारियों के रवैये को लेकर जिला पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। विकास कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पार्षदों ने आपत्ति दर्ज करवाई।अधिकारियों पर ठेकेदारों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए। एक घंटे तक हुए हंगामे के बाद चेयरपर्सन मोनिका दहिया सहित सभी पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बैठक के दौरान जिला पार्षद संजय बड़वासनी विरोध स्वरूप कुर्सी छोड़कर जमीन पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि गांव के विकास कार्य नहीं हो रहे। विकास कार्यों के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जब तक पार्षदों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं होती, तब तक वे विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। उनका कहना था कि अधिकारी मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं और जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज कर रहे हैं।