50वें जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे अक्षित नांदल का जिले में पहुंचने पर स्वागत किया गया। अक्षित नांदल का तिरंगा चौक से शुरू होकर ककरोई रोड, सुरी पेट्रोल पंप वाली गली, आईटीआई चौक से होते हुए राठधना रोड स्थित फार्म हाउस तक स्वागत जुलूस निकाला गया। जिले के खेल प्रेमियों ने फूल व नोटों की माला पहनाकर अक्षित नांदल का अभिनंदन किया। अक्षित करीब पांच साल से शहर से सटे गढ़ी ब्राह्मणान में अनूप खेल गांव के खोखर कबड्डी अकादमी में अभ्यास करते हैं। मूलरुप से रोहतक के अस्थल बोहर फिलहाल विशाल नगर निवासी अक्षित नांदल ने जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी में बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता उत्तराखंड के हरिद्वार में 7 से 11 जनवरी तक आयोजित की गई थी। जिसमें प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। अक्षित नांदल ने कहा कि जिले में लौटने पर खेल प्रेमियों ने जो प्यार व सम्मान दिया है, उससे वह बेहद खुशी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में सभी मुकाबले कड़े रहे थे। वह भविष्य में राष्ट्रीय सीनियर टीम व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। जिसके लिए वह खोखर कबड्डी अकादमी में अभ्यास करते है। प्रशिक्षक द्रोणाचार्य अवार्डी रामबीर सिंह खोखर ने कहा कि अक्षित एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। साथ ही अकादमी से प्रदेश की टीम में दो खिलाड़ी शामिल थे। जिनमें प्रदेश की टीम के कप्तान रोहित ने भी बेहतर खेल दिखाया था। वहीं, अक्षित ने प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ रेडर का खिताब जीता था। अक्षित ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 20 रेड अंक प्राप्त किए थे। अक्षित के ताऊ सतीश नांदल ने बताया कि बेटे ने पदक जीतकर परिवार का नाम रोशन किया है। पिता सतीश नांदल ने बताया कि बेटा अपने अभ्यास को लेकर बेहद गंभीर है। हमें उम्मीद है कि वह भविष्य में देश के लिए पदक जीतेगा।