ऋषि कॉलोनी में शुगर मिल के पास पोल्ट्री फार्म की आड़ में विदेशी शराब का अवैध भंडार संचालित किए जाने का खुलासा हुआ है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) की टीम ने देर रात छापा डालकर 393 पेटियों में भरी 3576 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई। बरामद शराब में कई अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम ब्रांड शामिल हैं। शराब बिना किसी वैध परमिट और होलोग्राम के रखी गई थी, जिससे आबकारी नियमों के उल्लंघन के साथ सरकार को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के डीएसपी जीत सिंह बेनीवाल के निर्देश पर इंस्पेक्टर बिजेंद्र, एएसआई राजेश व शिव की टीम ने सोमवार देर रात करीब 11 बजे ऋषि कॉलोनी की गली नंबर-1 स्थित मलिक पोल्ट्री फार्म पर छापा डाला। सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर सोमबीर की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। तलाशी के दौरान पोल्ट्री फार्म परिसर के एक कमरे में विदेशी शराब की सैकड़ों पेटियां रखी मिलीं। जांच में पाया गया कि शराब पर वैध होलोग्राम नहीं था और न ही उसके भंडारण अथवा परिवहन से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सका। पोल्ट्री फार्म में मौजूद श्रमिक शराब के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। टीम ने पूरी खेप को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई। मामले को लेकर सिविल लाइन थाना में पोल्ट्री फार्म संचालक गौरव के खिलाफ शिकायत दी गई है। महंगे अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों का मिला जखीरा बरामद शराब में कई महंगे विदेशी ब्रांड शामिल हैं। इनमें जेम्सन व्हिस्की, ग्रे गूज वोडका, गोल्ड लेबल, ब्लैक लेबल, बुशमिल्स व्हिस्की, कैमिनो रियल और जोस कुर्वो टकीला जैसी ब्रांडेड शराब मिली है। अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब का एक ही स्थान पर अवैध भंडारण सामान्य मामला नहीं माना जा सकता। सप्लाई नेटवर्क से जुड़े तार खंगाल रही जांच एजेंसियां प्रारंभिक जांच में आशंका है कि शराब को अवैध रूप से जमा कर विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करने की तैयारी की जा रही थी। पोल्ट्री फार्म जैसी जगह को गोदाम के रूप में इस्तेमाल किए जाने से लंबे समय तक इस गतिविधि पर किसी का ध्यान नहीं गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब कहां से लाई गई, इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और इसका वितरण किन क्षेत्रों में होना था। राजस्व चोरी के बड़े खेल की आशंका आबकारी विभाग और सीएम फ्लाइंग की संयुक्त जांच में अब वित्तीय लेन-देन और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि बिना अनुमति विदेशी शराब का इतना बड़ा भंडारण न केवल आबकारी कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सरकारी राजस्व को भी भारी क्षति पहुंच सकती है। मामले से जुड़े सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यह शराब हुई बरामद ब्रांड पेटियां जेम्सन व्हिस्की 80 ग्रे गूज वोडका 50 गोल्ड लेबल 40 कैमिनो रियल टकीला 18 जोस कुर्वो टकीला 15 ब्लैक लेबल 30 बुशमिल्स व्हिस्की 100 डिवॉर्स व्हाइट लेबल 60 बरामद शराब बिना किसी वैध परमिट के रखी गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध भंडारण से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। मामले की गहन जांच की जा रही है। शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल होगी। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। -जीत सिंह बेनीवाल, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, सोनीपत