प्रदेश में किसान आंदोलन एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है। किसान संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के लघु सचिवालयों के बाहर किसानों ने एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की। सोनीपत लघु सचिवालय के बाहर भारतीय किसान यूनियन के 11 किसान सांकेतिक भूख हड़ताल पर रहे और मांगों को लेकर नारे लगाए। खनौरी बॉर्डर पर किसानों की मांगों को लेकर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 25 दिन से अनशन पर हैं। अब उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। उनके स्वास्थ्य में सुधार की प्रार्थना और किसान एकता को दिखाने के लिए किसानों ने शुक्रवार को सुबह 10 बजे से लेकर शाम चार बजे तक सांकेतिक भूख हड़ताल की। सोनीपत लघु सचिवालय के धरना स्थल पर सभी किसान संगठनों के कार्यकर्ता एकजुट नजर आए। किसान नेता सरकार के सामने अपनी मांगों को पूरा करवाने पर अड़े हैं। भूख हड़ताल में राजेश दहिया, जयसिंह दहिया, कदम डागर, अशोक लठवाल, बिजेंद्र मलिक, संदीप मलिक, रोहताश बैनिवाल, दिलबाग, ओमसिंह गहलावत माजरा, रितूराज सिवाच, व नफे सिंह ठरू शामिल रहे। इस दौरान किसान योद्धा सत्यवान नरवाल, छिछड़ाना से राजबीर सिंह मलिक, धर्मबीर मलिक, मदीन से अजीत पहलवान, साहब सिंह, पाला राम, जसमेर, राममेहर छिक्कारा, नकलोई से सतबीर सहित अन्य किसान मौजूद रहे। खनौरी बॉर्डर पहुंचे जत्थे किया अनशन सोनीपत से किसान नेता छतर सिंह जाहरी की अध्यक्षता में खनौरी बॉर्डर पहुंचे भारतीय किसान पंचायत का जत्था 24 घंटे के अनशन पर रहा। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनशन के कारण कमजोर हो रहे स्वास्थ्य के बेहतर होने की कामना करने के लिए सोनीपत से जत्था खनौरी बार्डर पहुंचा हैं। शुक्रवार को उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हुए किसानों के जत्थे ने 24 घंटे के लिए अनशन शुरू किया। किसानों ने कहा कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार की है। ऐसे में सरकार जल्द अपने वादों को पूरा करें, जिससे किसान नेता डल्लेवाल अपने आमरण अनशन को समाप्त करें।