सिरसा में शाम पांच बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बाजारों में खरीददारी करने वाले लोग बारिश में भीग गए। वहीं, मंडियों को शेड के नीचे करने में आढ़ती लग गए। हालांकि खुले में धान की बोरियों के होने के कारण भीगने का खतरा बढ़ गया । इस दौरान आढ़तियों ने तिरपाल से धान की फसल को बचाने का प्रयास किया है, जो नाकाफी साबित हुए। अहम बात यह है कि अभी तक जिले में 95 प्रतिशत धान खेतों में खड़ा है और 20 प्रतिशत धान कटाई पर है। ऐसे में हवाओं के साथ बारिश जारी रहती है तो धान को नुकसान होने की उम्मीद है।