सैनिकों के गढ़ के रूप में जाना-जाने वाले गांव सुनारिया को यहां के खिलाड़ी भी अलग पहचान देने का कार्य कर रहे हैं। गांव की शूटर बेटी कनक बुधवार व्लर्ड कप व एशियन चैंपियनशिप में भारत को मेडल दिला चुकी है। इतना ही नहीं, गांव से ऐसे कुश्ती में मुकेश कुमार ऐसे पहलवान रहे हैं जो 18 बार कुश्ती प्रतियोगिताओं में भारत कुमार रह चुके हैं। फिलहाल वे रोहतक रेलवे में कार्यरत हैं। इसके अलावा गांव की बेटी रामभतीन थाइलैंड में आयोजित प्रोफेशनल इंटरनेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के युवा निजी अकादमीयों में विश्व पटल पर नाम रोशन करने की तैयारी कर रहे हैं।