खिलाड़ियों व सैनिकों के गढ़ के रूप से जाना-जाने वाले गांव सुनारिया के लोग पिछले कई साल से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सप्लाई में गंदा पानी आता है। इस पानी को पशुओं को भी नहीं पिलाया जा सकता। कभी-कभी तो सात से आठ दिन पानी आता ही नहीं हैं। गांव में एक जलघर हैं। वहां सफाई का भी बुरा हाल है। टैंक में ही लंबे झाड़ उगे हुए हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। इतना ही नहीं, नहर से जलघर तक पानी की आपूर्ति के लिए बिछाई पाइपलाइन भी किनारे पर लगे पेड़ाें के गिरने के कारण क्षतिग्रस्त रहती है। ऐसे में टैंकरों व घर में सबमर्सिवल लगाकर पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं।