रोहतक के सेक्टर दो स्थित वरिष्ठ नागरिक क्लब में वीर बाल दिवस के अवसर पर शनिवार को शहीद जोरावर सिंह और फतेह सिंह के चित्र पर वरिष्ठजनों ने पुष्पांजलि अर्पित किए। वरिष्ठजनों ने उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा। कार्यक्रम का संचालन कर रहे कैप्टन जगबीर मलिक ने बताया कि गुरुओं का इतिहास बलिदानों से भरा पड़ा है। गुरु अर्जुन सिंह व गुरु तेग बहादुर में धर्म रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देकर समाज और धर्म की सेवा की है। दशमी पातशाही गुरु गोविंद सिंह ने धर्म और समाज की रक्षा के लिए मुगलों से लगभग 20 युद्ध लड़े। चमकौर की लड़ाई में 22 दिसंबर 1705 में उनके बडे़ साहिबजादे अजीत सिंह और जुझार सिंह ने मुगलों के विरुद्ध लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। 26 दिसंबर को छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने धर्म और मर्यादा की रक्षा में दीवार में चुने जाते समय उफ तक नहीं की। इस अवसर पर आकाशवाणी के पूर्व डायरेक्टर धर्मपाल मलिक, सीनियर सिटीजन क्लब के प्रधान सूरजमल मलिक, पूर्व प्रिंसिपल रणवीर सिंह नरवाल इंदर सिंह हुड्डा, राजवीर सिंह मलिक पूर्व पार्षद कदम सिंह अहलावत ने विचार साझा किए।