फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिम्मत वतन की हमसे है: कारगिल वॉर में शहीद हुए थे लांस नायक कृष्ण लाल, मेंशन इन डिस्पैच का मिला था सम्मान

शाहिल शर्मा Updated Sat, 25 Apr 2026 07:14 PM IST

टिटौली निवासी लांस नायक शहीद कृष्ण लाल कारगिल की लड़ाई में देश के लिए शहीद हो गए थे। कृष्ण लाल के बेटे जितेंद्र बताते हैं कि 1999 की कारगिल की लड़ाई में अपने साथी सैनिकों को लाने के लिए टाइगर हिल्स के पीपल पोस्ट पर गए थे। वापस लौटते समय कुछ ही कदम चले थे कि उनकी पर पाक सेना ने अटैक कर दिया और शहीद हो गए। कृष्ण लाल 6 जुलाई 1999 को कारगिल की लड़ाई में ऑपरेशन विजय के दौरान पीपल पोस्ट टाइगर हिल्स गए थे। छोटे भाई रिसालदार मेजर सतबीर सिंह कुंडू बताते हैं कि कारगिल लड़ाई के दौरान हमारे ही निकटतम गांव के दो जवान पीपल पोस्ट पर शहीद हो गए थे। सेना के सीईओ ने पूछा था कि कौन अपने शहीदों को लेकर आएगा। कृष्ण लाल ने साहस व शौर्य का परिचय देते हुए खुद उन्हें लाने को कहा और चल दिए। कृष्ण लाल पीपल पोस्ट पर पहुंच गए थे और वापस चले भी थे लेकिन पाक सेना उनको भी निशाना बना लिया और शहीद हो गए। सतबीर सिंह ने बताया कि पोस्टर पर शहीद हुए साथी सैनिक सुंदरपुर के नायक विजय कुंडू व जिंदराण बलवान सिंह हुड्डा थे। इन तीनों का पार्थिव शरीर भी गांवों में एक साथ पहुंचा था। तीनों सैनिकों की मौत के बाद 120 सैनिकों की कंपनी ने पीपल पोस्ट पर कब्जा भी कर लिया था। साथ ही, अगले दिन ही सीजफायर की भी घोषणा हो गई। पत्नी राजपति बताती हैं कि कृष्ण लाल का जन्म 1 अगस्त 1961 को जन्म हुआ था। एक जून 1980 में सेना भर्ती में शामिल हुए और 6 जुलाई 1999 को यह शहीद हो गए थे। उनके शहीद होने के बाद 12 जुलाई 1999 को भारत सरकार की ओर से मेंशन इन डिस्पैच के वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। परिवार में बड़ा बेटा जितेंद्र है और छोटा बेटा सितेंद्र है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें