पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि सरकार की ओर से इनकम टैक्स में राहत देने के फैसले से बहुत कम लोग लाभान्वित होंगे। गरीब और मध्यम वर्ग महंगाई व अप्रत्यक्ष करों में राहत की उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन महंगाई कम करने के नाम पर बजट पूरी तरह खामोश रहा। इतना ही नहीं, इस बजट में रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ाने का भी कोई रोडमैप नजर नहीं आता। किसानों के लिए भी बजट में कोई ऐलान नहीं किया गया और कहीं भी इसमें एमएसपी गारंटी की बात नहीं कही गई। न किसान कर्जमाफी का कोई एलान न आमदनी बढ़ाने वाला कोई प्रावधान है। उनका कहना है कि महिला और गृहिणी भी बजट से बेहद मायूस है। यूपीए सरकार की अपेक्षा एनडीए सरकार हेल्थ और शिक्षा पर तुलनात्मक कम खर्च कर रही है। स्वास्थ्य पर बजट पर चार प्रतिशत की गिरावट है।