रोहतक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी मिलनी चाहिए। कांग्रेस इसके लिए प्रस्ताव पास कर चुकी है। हुड्डा मंगलवार को संविधान दिवस पर डॉक्टर भीमराम आंबेडकर व स्व. चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। मंगलवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री के पिता का जन्मदिन भी रहा। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान का निर्माण करवाया है, जिसे कमजोर नहीं होने देगी। सरकार को कौशल निगम में संविधान के तहत भर्ती करनी चाहिए। ईवीएम पर हुड्डा ने कहा कि उन्हाेंने ईवीएम को लेकर अदालत में याचिका नहीं डाली, बल्कि आम लोगों ने याचिका दायर की है। ईवीएम की शिकायतों की जांच होनी चाहिए। वे तो पहले ही साफ कह चुके हैं कि प्रदेश के विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र हारा है, केवल तंत्र जीता है। विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन पर सवाल टालते हुए हुड्डा ने कहा कि जब चयन होगा, मीडिया को बता दिया जाएगा। हुड्डा ने बताया कि उनके पिता रणबीर सिंह का जन्म 26 नवम्बर 1914 को हुआ था और यह सुखद संयोग है कि आज ही के दिन संविधान दिवस भी मनाया जाता है। उन्हें गर्व है कि उनके पिता देश की आजादी के लिए संघर्ष के दौरान अंग्रेजों की 8 अलग-अलग जेलों में कैद रहे। इनमें से 4 जेल आज भारत में हैं और 4 पाकिस्तान चली गई हैं। उनके पिता रणबीर सिंह हुड्डा सामाजिक समानता के प्रखर पक्षधर थे। 6 नवंबर, 1948 को भारतीय विधान परिषद् की बैठक में उन्होंने कहा था कि हम वर्गविहीन समाज बनाना चाहते हैं, जिसमें सभी को समान अधिकार हासिल हों। उनका मानना था कि देश और देश का संविधान बिना गांव, गरीब और किसान के अधूरा है। यही कारण है कि भाखड़ा नांगल जै सी बड़ी परियोजना के तत्काल अनुमोदन एवं त्वरित क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप भाखड़ा नहर प्रणाली का कार्य शीघ्र पूरा हुआ और इसे 22 अक्टूबर 1963 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उसे राष्ट्र को समर्पित किया गया।