जीआई एवं एचपीबी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं क्लिनिकल एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। स्तन कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सही समय पर सचेत होना और लक्षणों को पहचानना है। महिलाओं को हर महीने खुद अपने स्तनों की जांच करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की गांठ, सूजन या त्वचा में बदलाव का तुरंत पता चल सके। उन्होंने कहा कि 40 वर्ष की उम्र के बाद हर साल मैमोग्राम टेस्ट को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। उन्होंने बताया कि ने सोमवार को रोहतक के निजी हॉस्पिटल में अपनी जीआई ऑनकोसर्जरी ओपीडी सेवाओं की शुरुआत की। डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और एचपीबी कैंसर भोजन नली, पेट, आंत, लिवर, पित्ताशय (गॉल ब्लैडर), अग्न्याशय (पैंक्रियास) और बाइल डक्ट्स जैसे अंगों को प्रभावित करते हैं। यदि इन कैंसर की समय पर पहचान नहीं हो, तो ये तेजी से फैल सकते हैं। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ओपीडी जीआई एवं एचपीबी कैंसर, दोबारा होने वाले कैंसर और अन्य कॉम्प्लेक्स ऑन्कोलॉजिकल स्थितियों के लिए व्यापक देखभाल प्रदान करती है। एडवांस्ड सर्जिकल और रोबोटिक-असिस्टेड तकनीकों के माध्यम से हमारी टीम सटीक उपचार, अंगों और उनकी कार्यक्षमता को सुरक्षित रखने, ऑपरेशन के बाद होने वाली असुविधा को कम करने और तेजी से रिकवरी सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करती है।