हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। मोर्चे के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बुधवार को रेवाड़ी रोडवेज डिपो में गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता राजपाल यादव, शशि कुमार, दिनेश कुमार, सुरेश और संजय ने की, जबकि संचालन प्रवीण यादव ने किया। गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए सांझा मोर्चे के वरिष्ठ सदस्य जयबीर घणघस, वीरेन्द्र सिगरोह, जगदीप लाठर, अशोक खोखर और देवेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार सुरक्षित और सस्ती परिवहन सेवा का निजीकरण कर इसे पूंजीपतियों के हवाले कर रही है। ठेके की इलेक्ट्रिक बसें और किलोमीटर स्कीम की बसें बिना विभागीय मांग के लगातार रोडवेज में शामिल की जा रही हैं, जिससे विभाग को घाटा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर मंत्री और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में हर गांव तक सरकारी बसें चलाने के आदेश दे रहे हैं, जबकि रोडवेज के पास पर्याप्त बसें और स्टाफ नहीं है। विभाग में चालक, परिचालक और कर्मशाला कर्मचारियों की भारी कमी है। बसों की समय पर मरम्मत नहीं होने से कई वाहन खड़े रहते हैं और आम जनता को परिवहन सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि प्रदेश की जनसंख्या के अनुसार नई सरकारी बसें खरीदी जाएं, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की कमी के कारण मौजूदा स्टाफ पर अत्यधिक कार्यभार है, जिससे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। सरकार यूनियनों से समझौते तो करती है, लेकिन जायज मांगों को लागू नहीं कर रही, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुख्य मांगों में जोखिम भत्ता, ऑनलाइन तबादला नीति की जगह आपसी तबादला नीति, पे-ग्रेड बढ़ाने, अर्जित अवकाश बहाल करने, 2002 व 2016 के चालकों को पक्का करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, प्रमोशन, भत्तों में बढ़ोतरी, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, बकाया बोनस भुगतान और आठ घंटे की ड्यूटी लागू करने जैसी मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान नहीं किया तो प्रदेशभर के सभी डिपो के रोडवेज कर्मचारी 18 जनवरी 2026 को अंबाला छावनी में परिवहन मंत्री के आवास पर न्याय मार्च निकालेंगे और बड़े आंदोलन का एलान किया जाएगा।