भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बावल रोड स्थित एक होटल में आपातकाल के काले अध्याय का 50वां वर्ष के अवसर पर एक स्मरण कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आपातकाल की घोषणा (25 जून 1975) के ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के प्रति संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा तथा अमरपाल राणा व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली पहुंची। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, कार्यकर्ताओं और जनता के बलिदान को याद किया। मुख्य वक्ताओं ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी आपातकाल (25 जून 1975 -21 मार्च 1977) को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय मानती है। भाजपा का मानना है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल ने संविधान, मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का गंभीर उल्लंघन किया था। इस मौके पर सेनानियों और उनके परिवारजनों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने आपातकाल के समय में अत्याचार सहे थे। इसमें ओम प्रकाश राजपाल, बुद्धदेव यादव, लक्ष्मी नारायण, पूरन चंद, कुलदीप कोहली, विजय गुप्ता की पत्नी पुष्पा गुप्ता, दशरथ चौहान के बेटे मृदुल चौहान, राधे श्याम के पोते साहिल रहे।