दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा शिक्षा सुधार की मांग को लेकर चल रहे धरने के समर्थन में बावल बार एसोसिएशन के वकीलों ने रोड मार्च निकाला। मार्च के दौरान वकीलों ने छात्रों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही शिक्षा मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी उठाई। रोड मार्च की शुरुआत बावल न्यायालय परिसर से हुई। इसके बाद अधिवक्ता हाथों में तख्तियां लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। वकीलों का कहना था कि देश के युवाओं का भविष्य शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है। यदि परीक्षाओं में अनियमितताएं और व्यवस्थागत खामियां बनी रहेंगी तो छात्रों का विश्वास कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को गंभीरता से उनकी बात सुननी चाहिए। अधिवक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से विद्यार्थियों में निराशा का माहौल है। ऐसे में शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शन में बावल बार एसोसिएशन के अनेक अधिवक्ताओं ने भाग लिया। सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालते हुए छात्रों के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और सरकार से जल्द उचित निर्णय लेकर शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार लागू करने की मांग की।