सिविल अस्पताल रेवाड़ी के ओपीडी क्षेत्र में रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) रेवाड़ी की टीम की तरफ से गठित ‘पहल विंग’ का प्रथम परिचय एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि आईएमए रेवाड़ी की पूरी नेतृत्व टीम महिला चिकित्सकों की रही, जिसने समाज में महिला स्वास्थ्य और जन-जागरूकता को लेकर सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और रिबन कटिंग से हुई। इस अवसर पर डॉ. कंचन यादव (सीनियर आई सर्जन), डॉ. रंगा (ईएनटी सर्जन) और डॉ. अर्चना यादव (वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ) मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। पहल विंग की और से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। आईएमए रेवाड़ी के अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने पहल विंग की अवधारणा स्पष्ट करते हुए कहा कि पहल का अर्थ पहला कदम है। इसका उद्देश्य डॉक्टर और समाज के बीच बढ़ती दूरी को कम कर, डर से जागरूकता और बीमारी से स्वास्थ्य की ओर बढ़ना है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में स्कूलों, कॉलेजों, किशोरियों और महिलाओं के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि लोग डॉक्टर को केवल बीमारी में नहीं बल्कि स्वास्थ्य मित्र और प्रहरी के रूप में देखें। कार्यक्रम का संचालन मिसेज़ शेफाली सैनी ने किया। स्वास्थ्य विषयों पर विशेषज्ञों ने सरल भाषा में जानकारी दी। डॉ. अचल सिंगला ने अल्ट्रासाउंड की उपयोगिता, डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने गर्भावस्था में जरूरी जांच, और डॉ. पूनम जैन ने संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. मित्रा सक्सेना, चेयरपर्सन, पहल विंग ने थैलेसीमिया जैसी अनुवांशिक बीमारियों से बचाव के लिए प्री-कंसेप्शनल काउंसलिंग की जानकारी दी। डॉ. मनीषा वर्मा ने गर्भावस्था के दौरान लगाए जाने वाले दो आवश्यक टीकों के बारे में बताया। अंत में डॉ. मीनाक्षी यादव ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ रहने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम को संवादात्मक बनाने के लिए उषा यादव और डॉ. कृतिका पांडे ने गर्भवती महिलाओं से प्रश्नोत्तर सत्र किया। समापन पर डॉ. रंगा ने नई टीम को बधाई देते हुए इस पहल की सराहना की। अंत में डॉ. पूजा अनेजा ने अतिथियों, डॉक्टरों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ तथा मरीजों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में ओपीडी में आए बड़ी संख्या में मरीज व उनके परिजन मौजूद रहे।