ब्रह्मगढ़ से ब्रास मार्केट की तरफ जाने वाले सड़क की नगर परिषद की टीम ने शुक्रवार को सैंपल लिए हैं। इस दौरान सड़क के 3 से 4 जगहों से सैंपल लिए गए हैं। अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि सड़क की गुणवत्ता किस प्रकार की थी। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई सीसी रोड दस महीने में ही उखड़ने लगी है। हाल ही में सड़क की सतह से रोड़ियां निकल रही थी, मौके पर काला तारकोल डालकर पैचवर्क किया गया था। लोगों ने मार्ग निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग करने का आरोप लगाया है। अमर उजाला की तरफ से 11 मार्च को प्रमुखता से इसका मुद्दा उठाया गया था। सैंपल लेने के दौरान एक्सईएन अंकित वशिष्ठ, जेई कुशल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि सीसी की अनुमानित अवधि 10 वर्ष वाली बताई जा गई थी लेकिन यह सीसी सड़क निर्माण के तुरंत बाद ही अपनी असली स्थिति दिखाने लगी। सड़क के कई हिस्सों में सीमेंट उखड़ने लगा था और रोड़ियां बाहर आने लगीं थी। अब सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। मार्ग के सैंपल लिए मार्केट एसोसिएशन के प्रधान नीरज गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को मार्ग के सैंपल लिए गए हैं। 10 महीने पहले जब सड़क का काम शुरू हुआ था उस समय रोड की लेवलिंग भी ठीक से नहीं की गई। सबसे बड़ा कारण यह है कि सामग्री भी ठीक नहीं लग रही है। दुकानदार नवीन गुप्ता ने बताया कि ब्रह्मगढ़ से ब्रास बाजार मार्ग की करीब दो करोड़ रुपये की सीसी रोड दस महीने में उखड़ने लगी है। सड़क की सतह से रोड़ियां बाहर आ रही हैं और पैचवर्क के लिए काला तारकोल डाला जा रहा है।