नगर परिषद ने शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित एक अवैध दुकान को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई दुकान के स्वामित्व को लेकर चल रहे मामले में कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद की गई। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा, जबकि एमई नरेश को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। जानकारी के अनुसार, शहर निवासी तिलक ने शंकर बाजार के पास नगर परिषद से तहबाजारी के तहत जगह ली थी। तहबाजारी अवधि समाप्त होने के बाद नगर परिषद ने उन्हें स्थान खाली करने के लिए नोटिस जारी किया। इसके विरोध में तिलक ने कोर्ट से स्टे ले लिया और मामला आगे हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला अदालत में सुनवाई के दौरान तिलक की स्वामित्व संबंधी याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद नगर परिषद ने तिलक को जमीन खाली करने के लिए दोबारा नोटिस जारी किए, लेकिन नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ा गया। अंततः शुक्रवार को परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से दुकान को तोड़ते हुए जमीन को कब्जे में ले लिया। एमई नरेश ने बताया कि कोर्ट के फैसले के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामित्व योजना में केवल वैध संपत्तियां शामिल होती हैं, जबकि तिलक ने तहबाजारी की जमीन को स्वामित्व योजना में शामिल कराने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।