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पानीपत: पिछले नौ महीने से अस्पताल में नहीं चर्म रोग विशेषज्ञ, मरीजों को हो रही परेशानी

शाहिल शर्मा Updated Thu, 23 Oct 2025 04:30 PM IST

जिला नागरिक अस्पताल में पिछले नौ महीने से चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। दिवाली के बाद सांस, आंख, कान, गला और त्वचा के मरीज बढ़ने लगे हैं। वीरवार को फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। अस्पताल में पर्याप्त बैंच न होने से मरीजों को फर्श पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। जिला नागरिक अस्पताल में चर्म रोगियों को विशेषज्ञ न होने से निजी अस्पतालों में महंगा इलाज व दवा लेनी पड़ रही है। पिछले नौ महीने से अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है, इसका असर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ जेब पर भी पड़ रहा है। दिवाली के बाद चर्म रोगी बढ़ गए हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ न होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में जहां सामान्य दिनों में ओपीडी 1500 के करीब रहती थी वहीं दिवाली के बाद ओपीडी 1800 तक पहुंचने लगी है। इसमें सबसे ज्यादा आंख, सांस, कान के मरीज पहुंच रहे हैं। आंख के मरीजों की ओपीडी 150 के करीब रही, ईएनटी ( कान, नाक और गला ) विशेषज्ञ के पास 180 मरीज पहुंचे। फिजिशियन के पास सांस, वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के लगभग 600 मरीज पहुंचे। मरीजों को पर्याप्त बैंच न मिलने से फर्श पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। फिजिशियन डॉ. जैसमीन ने बताया कि दिवाली के बाद सांस के मरीज बढ़ जाते हैं। दिवाली की साफ-सफाई के धूल कण और आतिशबाजी से होने वाले धुएं से दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। इसलिए इस समय दमा के मरीजों को घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करना चाहिए। सिवाह गांव के रमेश और हरपाल ने बताया कि अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में उनकी निजी चिकित्सक के पास इलाज कराना पड़ रहा है।

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