पुलिस नौ दिन बाद भी बाजारों में सुरक्षा और व्यवस्था के दावों तक सीमित है। जबकि धरातल पर किसी प्रकार के प्रबंध नहीं किए गए हैं। बाजारों में सोमवार को भी पुलिस के जवानों को तैनात नहीं किया जा सका और न ही बाजारों में वाहनों को रोकने के बैरिकेड्स लगाए गए। जबकि डीएसपी यातायात सुरेश सैनी ने 28 सितंबर को प्रधानों के साथ बाजारों का दौरा किया था। उन्होंने बाजार में जवान तैनात करने और वाहनों को बाजार के बाहर ही रोकने का दावा किया था। पुलिस अधिकारियों के ढुल-मुल रवैये के चलते बाजारों की स्थिति बिगड़ने लगी है। करवाचौथ की खरीदारी शुरू होने पर बाजार में ग्राहक बढ़ गए हैं। मंगलवार को सुबह से शाम तक खरीदारों की लाइन लगी रही। दोपहर से शाम तक अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। इंसार बाजार में लालबत्ती से प्रवेश करते ही भीड़ लगी और इंसार चौक पर दिन में कई बार लोगों का जाम लग गया। वहीं दोपहिया व रिक्शा के आने से अधिक समस्या पैदा हो गई। दुकानदारों ने आगे आकर कई बार रास्ता सामान्य कराया। वहीं बाजारों में अतिक्रमण भी बढ़ने लगा है। इंसार बजार के दुकानदार दिनेश कुमार और निरंजन ने बताया कि बाजार में त्योहारों के दौरान व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। पिछले साल वाहनों की नो एंट्री कर दी थी। इसके अलावा बाजार में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए थे। इस बार पुलिस अधिकारियों ने एक बार दौरा तो किया है लेकिन किसी प्रकार के प्रबंध आज नौ दिन बाद भी नहीं किए जा सके हैं।