पानीपत के बुआना लाखू गांव के 38 वर्षीय सूबेदार सुनील मलिक का पश्चिम बंगाल में निधन हो गया। उनको बुधवार को पैतृक गांव में अंतिम विदाई दी। सेना के जवानों के साथ ग्रामीणों ने भारत माता और सुनील मलिक अमर रहे के जयघाेष लगाए। सेना के जवानों ने उनको राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी। सुनील मलिक का शव मंगलवार को घर पहुंचा था। सेना के जवान शव लेकर पहुंचे तो हर ग्रामीण भावुक हो गया। बुधवार सुबह गांव के श्मशान घाट में उनको अंतिम विदाई दी। परिजनों ने बताया कि सुनील मलिक को दिल का दौरा पड़ा था। बुआला लाखू के रूपन मलिक ने बताया किक वहसेना में रह चुका है। वह सेना की गाड़ी पलटने पर दोनों पैरों से अशक्त हो गया था। उनके पिता का तीन साल पहले कोराना के दौरान निधन हो गया था। उनका छोटा भाई सुनील मलिक वॉलीबॉल और बॉक्सिंग का खिलाड़ी था। वह वॉलीबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुका था। उनका सेना बॉक्सिंग कोटे में सेना में ज्वाइन हुआ था। वह वर्तमान में पश्चिम बंगाल में तैनात था। उनका दिल का दौरा पड़ने पर निधन हुआ है। वे अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गए हैं।