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पानीपत: सावन के तीसरे सोमवार पर बना दुर्लभ संयोग, शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

पानीपत। सावन माह के तीसरे सोमवार को नागपंचमी का विशेष और दुर्लभ संयोग रहने से ओद्योगिक नगरी पानीपत शिवभक्ति में लीन नजर आई। तड़के से ही शहर और ग्रामीण इलाकों के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने कतारों में लगकर पंचामृत स्नान के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और बेलपत्र, धतूरा, भांग व पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के प्राचीन देवी मंदिर, सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन, सनातन धर्म शिव मंदिर सेक्टर-11 और दत्ता कॉलोनी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का दौर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के साथ उनके आभूषण माने जाने वाले नाग देव की भी दूध, जल और अक्षत से विधिवत पूजा की।दिनभर मंदिरों में ओम नमः शिवाय' और 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे। कई स्थानों पर विशाल भंडारे और खीर-प्रसाद का वितरण भी किया गया। दत्ता कॉलोनी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के मुख्य पुजारी भगवत शर्मा ने बताया कि सावन सोमवार और नागपंचमी का एक साथ होना अत्यंत कल्याणकारी है। उन्होंने बताया कि इस दुर्लभ योग में शिवजी के साथ नाग देव की पूजा करने से कुंडली में व्याप्त कालसर्प दोष और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है। भगवान शिव की आराधना से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और साधक को आरोग्य जीवन की प्राप्ति होती है। सावन सोमवार का व्रत रखने और जलाभिषेक करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।

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