छत्तीसगढ़ के जिला-बलौदा बाजार स्थित कबीरपंथ का पवित्र व प्रसिद्ध गुरु स्थान पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमला करने की वजह से समस्त कबीरपंथ समाज में रोष है। 120 वर्षो से स्थापित समस्त कबीरपंथियों की आचार्य गद्दी व गुरु स्थान व अटूट आस्था का केंद्र कबीर नगर दामाखेड़ा आश्रम में दीपावली के दिन स्थानीय गांव के कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा अप्रिय घटना को अंजाम देने की नीयत से आश्रम में प्रवेश करने की कोशिश की गई। इसके विरोध में राष्ट्रीय कबीरपंथी जुलाहा विकास महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ ओमवीर सिंह पंवार की अध्यक्षता में बुधवार को पानीपत की सभी कबीरपंथ से जुड़ी मंदिरों, धर्मशालाओं की संस्थाओं के साथ साथ पानीपत कबीरपंथ समाज ने उपायुक्त पानीपत के माध्यम से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा कबीरपंथ की आस्था से जुड़ा सबसे बड़ा और पवित्र प्रसिद्ध स्थान है। कुछ स्थानीय गांव के अवांछनीय 50-60 उपद्रवियों द्वारा आश्रम की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाते हुए कबीरपंथ के होने वाले 16वें आचार्य व केडीवी मिशन के तहत पंथ का प्रचार प्रसार करने वाले नवोदित वंशाचार्य उदित्तमुनि नाम साहेब जी को भद्दी गालियों के साथ आश्रम परिसर में घुसकर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। जिसकी वजह से समस्त कबीरपंथियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। डॉ पवार ने बताया की उपायुक्त की अनुपस्थिति में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया है, ज्ञापन सौंपने वालो में राष्ट्रीय कबीरपंथी जुलाहा विकास महासभा के पदाधिकारीगण, सदस्यगण व सद्गुरु कबीर जनसेवा समिति (रजि0) ग्रीन पार्क पानीपत, कबीरपंथी धर्मशाला समिति (रजि0)देशराज कॉलोनी, सद्गुरु कबीर धर्मशाला व समाज सेवा समिति (रजि0) दीनानाथ कॉलोनी ,सन्त शिरोमणि सद्गुरु कबीर समाज समिति (रजि0) शिवनगर, कबीर धर्मशाला सेवा समिति (रजि0) एकता विहार, कबीर मंदिर सेवा सभा (रजि0) किशनपुरा पानीपत की सभी संस्थाओं ने एकजुटता के साथ घोर भर्त्सना के साथ उपस्थित थे।