पवित्र सावन मास के तीसरे दिन शनिवार को शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। तड़के पांच बजे से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने लाइन में लगकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। दत्ता कॉलोनी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। यहां मुख्य पुजारी आचार्य भगवत शर्मा ने विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना और भव्य आरती संपन्न कराई। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य भगवत शर्मा ने बताया कि सावन में शनिवार का विशेष महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन मास में शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से शनि देव भी अत्यंत प्रसन्न होते हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, शनि देव भगवान शिव को अपना गुरु मानते हैं। ऐसे में सावन के शनिवार को शिवलिंग पर जल, काले तिल और बेलपत्र अर्पित करने से कुंडली में मौजूद शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलती है। यह संयोग भक्तों को शिव और शक्ति के साथ-साथ शनि कृपा का भी भागीदार बनाता है। शाम को होगी शिव कथा उधर, मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म सभा मंदिर में भी शनिवार को विशेष रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इससे पहले सुबह पांच बजे देवों के देव महादेव की दिव्य पूजा की गई। मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने बताया कि सावन के उपलक्ष्य में शनिवार शाम को मंदिर परिसर में भव्य शिव कथा का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुरथल से पधारे सुप्रसिद्ध स्वामी सरस्वती महाराज अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को शिव महिमा का रसपान कराएंगे।