दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडक्स खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद पानीपत में भी ग्रैप-4 लागू कर दिया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक्शन प्लान 24 घंटे बाद भी धरातल पर लागू नहीं हुआ। यह केवल अधिकारियों की मेज तक पहुंच पाया और चर्चाओं तक सिमट गया। शहर में ग्रैप-4 तो दूर ग्रैप-3 की गाइडलाइन की भी पालना नहीं की जा रही हैं। शहर की मुख्य सड़कों के साथ निर्माण कार्य चल रहे हैं और साथ ही खनन और मिट्टी खुदाई का कार्य चल रहा है। बापौली में सरकारी ठेकेदार ग्रामीणों के विरोध के बाद भी अमृत सरोवर की खुदाई करने में लगा हुआ है। पानीपत का एयर क्वालिटी इंडक्स सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को करीब दो अंक बढ़ा। यह मंगलवार को 296 अंक दर्ज किया गया। जबकि सोमवार को 294 था। वहीं रविवार को एक्यूआई 322 पर पहुंच गया था। मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडक्स बढ़ने के बाद पीएम 2.5 की मात्रा 296 और पीएम-10 की मात्रा 187 दर्ज की गई। लोगों को सांस लेने में कुछ तकलीफ हुई। इसके साथ आंखों में जलन भी महसूस की गई। विशेषज्ञों की माने तो आने वाले समय में एक्यूआई और भी बढ़ सकता है। दिल्ली की बात करें तो यहां एक्यूआई करीब 473 अंक दर्ज किया गया। शहर चल रहे निर्माण शहर में निर्माण कार्य तेजी के साथ चल रहे हैं। कॉलोनियों व सेक्टरों के अलावा मुख्य सड़कों के साथ निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। असंध रोड कच्चा कैंप के नजदीक एक बड़े शोरूम का निर्माण कार्य मंगलवार को भी चलता रहा। यहां करीब एक दर्जन मजदूर काम कर रहे हैं। हरे रंग का पर्दा लगाकर निर्माण कार्य करने में लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे धूल और मिट्टी उड़ती रहती है। यातायात नियमों की नहीं पालना ग्रैप-4 की एक्शन प्लान में यातायात व्यवस्था भी प्रमुख रहा। इसमें वाहनों के चलते जाम की स्थिति पैदा न होने देनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गाड़ियों के लंबे समय तक स्टार्ट रहने से धुएं की मात्रा बढ़ती है। जीटी रोड समेत शहर की प्रमुख सड़कों पर दिनभर रुक-रुककर जाम लगता रहा। जीटी रोड पर शाम के समय वाहनों की लंबी कतार लगी रही। जिला की राजस्व सीमा में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के स्टेज-4 की पाबंदियां प्रभावी हो गई हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आम नागरिक सिटीजन चार्टर जारी किया गया है। इसकी पालना सुनिश्चित की जाएं। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।