अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस दोस्त कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को आर्य पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने तहसील कैंप थाने का भ्रमण किया। थाना प्रभारी दीवान सिंह ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। बच्चों ने थाने में सबसे पहले एसएचओ और मुंशी कार्यालय के बारे में जानकारी ली। इसके बाद हवालात देखी और फिर पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने हवालात और जेल में क्या अंतर होता है? कोई अपराधी पकड़ा जाता है तो उसे कहां बंद किया जाता है? कोई बार-बार कॉल कर कोई परेशान करते तो उसकी शिकायत कैसे और कहां करें? के बारे में जाना। थाना प्रभारी दीवान सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है। जिस कारण हर समय सावधान रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से बात न करें। अनजान कॉल न उठाएं और संदेह होने पर तुरंत ही पुलिस को इसकी सूचना दी। साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत ही 1930 पर कॉल कर इसकी जानकारी दें। साथ ही छात्रों को नशे से भी दूर रहना चाहिए। छात्र जीवन में नशे की आदत लगने से पढ़ाई और सेहत दोनों का नुकसान होता है। नशे से दूर रहकर ही पढ़ाई पर ध्यान दिया जा सकेगा। यातायात नियमों का पालन करना भी जरूरी है। उन्होंने सभी से दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने का आह्वान किया। इस मौके पर आर्य पीजी कॉलेज के मास कम्युनिकेशन विभाग के प्रभारी डॉ. दिनेश गाल्हयाण व सोनू मौजूद रहे।