डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत सरकार कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचा (एग्री-स्टैक) तैयार कर रही है। इसके तहत प्रत्येक किसान को आधार कार्ड की तर्ज पर एक विशिष्ट डिजिटल पहचान दी जाएगी। इसी विषय को लेकर बुधवार को लघु सचिवालय के मीटिंग हॉल में मास्टर ट्रेनर्स, राजस्व तथा कृषि विभाग के अधिकारियों की वर्कशॉप आयोजित की गई। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त उदय सिंह ने बताया कि इस डिजिटल क्रांति के जरिए किसानों की आईडी को भूमि रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। डिजिटल भूमि रिकॉर्ड से जियोग्राफिक जानकारी सहित खेत की सटीक लोकेशन और सीमा का विवरण दर्ज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से फसल डाटा तैयार होगा, जिससे यह पता चलेगा कि किस किसान ने अपने खेत में कौन सी फसल उगाई है। इसका सटीक डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।