शहर में नगर पालिका कर्मचारी अब अनिश्चितकालीन धरने पर चले गए हैं और शहर की सफाई व्यवस्था अब राम भरोसे रहेगी। दो दिन में ही शहर की सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लग गए हैं। शनिवार को 53 सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका भवन में धरना दिया और पालिका अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। सफाई कर्मचारी उप प्रधान पंकज ने बताया कि महेंद्रगढ़ नगर पालिका में 60 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इनमें से 53 कर्मचारियों का एरियर भुगतान अटका हुआ है। सरकार की ओर से वर्ष 2017 में एरियर की शुरुआत की गई और अब तक कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उनका तर्क है कि सभी जिलों के कर्मचारियों को एरियर मिल चुका है, लेकिन महेंद्रगढ़ जिला के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पर रहा है। अधिकारी परमिशन नहीं मिलने का नाम लेकर उनको गुमराह कर रहे हैं और एरियर से वंचित रख रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की कमी और झूठे वादों के कारण वे इस लाभ से वंचित हैं। काफी बार वे अधिकारियों से इस बारे में बात कर चुके हैं, लेकिन हर बार झूठा आश्वासन दिया जाता है। अब सब्र का बांध टूट चुका है और नगर पालिका अधिकारियों ने उनको धरने पर जाने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक वे धरना जारी रखेंगे। इस दौरान शहर में सफाई व्यवस्था चरमराती है या लोगों को परेशानी होती है तो इसके जिम्मेदार नगर पालिका अधिकारी होंगे। साथ ही सोमवार से भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।