अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद सफाई कर्मचारियों का बुधवार सुबह गुस्सा फूट पड़ा। इसे लेकर कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे नगर परिषद के दोनों मुख्य गेट पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया। नगर परिषद के दोनों गेट बंद कर देने के कारण डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाले टेंपो भी नगर परिषद के अंदर ही खड़ा रह गया और कूड़ा लेने के लिए नहीं जा सके। सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक नगर परिषद का गेट बंद रहने से नगर परिषद में काम करवाने के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर एक बजे कर्मचारियों के बीच नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी पहुंची, जिन्होंने कर्मचारियों को समझाकर व उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर नगर परिषद का गेट खुलवाया। इस मौके पर जिला प्रधान राहुल सारवान ने बताया कि कर्मचारियों को मिलने वाले गेंहू के पैसों को लेकर गत सप्ताह भी उन्होंने शांतिपूर्ण धरना दिया था। जिसके बाद नगर परिषद के उपप्रधान व पार्षदों ने कार्यकारी अधिकारी के साथ समझौता करवाया था। उन्होंने बताया कि उस समय नप अधिकारी ने सोमवार तक हमें गेहूं के पैसे देने का आश्वासन दिया दिया था।