सेका गांव में गोवंश (सांड ) के निधन पर पूरे गांव ने भावपूर्ण विदाई दी। ग्रामीणों ने अंतिम यात्रा पूरे सम्मान के साथ बैंड-बाजे डीजे व फूल मालाओं के साथ निकाली। यह गोवंश गांव के लिए केवल पशु नहीं, बल्कि घर के सदस्य की तरह था। वर्षों से उनकी सेवा पूरे श्रद्धा भाव से की जा रही थी। उनके निधन की खबर सुनकर आसपास गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार धार्मिक विधि-विधान से किया गया। इस दौरान सरपंच विजयपाल यादव ने गोसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति की प्रतीक हैं। इस भावनात्मक दृश्य को देखकर कई लोग भावुक हो गए। क्षेत्र में यह विदाई चर्चा का विषय बनी हुई है।