हरियाणा बोर्ड की ओर से मंगलवार को कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। देर रात तक अधिकतर विद्यार्थी अपना परीक्षा परिणाम नहीं देख पाए और इसके चलते उनको बेचैनी बनी रही। हालांकि बुधवार सुबह तक साइट अच्छे से चली और विद्यार्थियों ने अपना परीक्षा परिणाम देखा। इस दौरान पास होने वाले विद्यार्थियों चेहरे पर खुशी दिखी। साथ ही विद्यार्थियों ने अपना आगे का लक्ष्य भी साझा किया और पढ़ाई के लिए की गई मेहनत व तरीके भी साझा किए। अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों व परिजनों को दिया। जानिये विद्यार्थियों की सफलता की कहानी...... मैंने 12वीं कक्षा 92 फीसदी अंकों के साथ उतीर्ण की है। पिता लाल सिंह चालक हैं और माता विजेता गृहिणी हैं। इस उपलब्धि के लिए प्रतिदिन साढ़े तीन घंटे की सेल्फ स्टडी की और शिक्षकों के बताए हुए पैटर्न पर तैयारी की है। अब यूपीएससी की तैयारी करना और सिविल सर्विस में जाना ही लक्ष्य है। -शगुन, गांव धनोंदा मैंने कला संकाय में 89 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए हैं। पिता अजीत सिंह किसान हैं जबकि माता सुमन गृहिणी हैं। पेपर में अच्छे नंबर लेने के लिए सैंपल पेपर से तैयारी की और शिक्षकों ने भी पिछले सालों के पेपर का रिविजन कराया। अब एसएमसी सीजीएल की तैयारी करके ईडी में नौकरी पाना ही मेरा सपना है। - सपना, गांव खरखड़ा बास परीक्षा से पहले हर दिन 5 से 6 घंटे तैयारी की। इसके अलावा किसी प्रकार ट्यूशन नहीं लिया और केवल शिक्षकों का मार्गदर्शन व स्वयं से पढ़कर ही कला संकाय में 83 प्रतिशत नंबर पाए हैं। पिता पवन कुमार किसान व माता अलवंता देवी गृहिणी हैं। अब क्लैट की परीक्षा पास कर अधिवक्ता बनना है। - रितु, गांव सीहोर 12वीं की परीक्षा में 82.04 प्रतिशत नंबर लेकर घर में खुशी आ गई और मुझे भी मंजिल पाने के लिए आगे का रास्ता मिला है। पिता जितेंद्र मजदूरी करते हैं जबकि माता सुनीता देवी गृहिणी हैं। यह परीक्षा पास करने के लिए प्रतिदिन 6 घंटे की पढा़ई की। अब एनडीए की तैयारी करके आगे सेना में भर्ती होना अगला लक्ष्य है। - प्रिया, गांव सीहोर