गांवों और छोटे कस्बों की महिलाओं में अब खूबसूरती निखारने और कायाकल्प कराने की होड़ तेजी से बढ़ रही है। गुरुवार को केंद्र सरकार ने ब्यूटी और एस्थेटिक क्लीनिकों में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन आधारित कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स पर बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद का इस्तेमाल इंजेक्शन के रूप में नहीं किया जा सकता। यह प्रतिबंध उपभोक्ताओं, पेशेवरों और एस्थेटिक क्लीनिकों सभी पर लागू होगा। सरकार की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इंजेक्शन के जरिए दिए जाने वाले उत्पाद “कॉस्मेटिक” की कानूनी परिभाषा में नहीं आते। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कॉस्मेटिक केवल बाहरी इस्तेमाल के लिए होते हैं, जैसे त्वचा पर लगाना, छिड़कना या स्प्रे करना। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बड़े शहरों और ग्राम्य कस्बों में स्किन ग्लो, एंटी-एजिंग और इंस्टेंट ब्यूटी ट्रीटमेंट के नाम पर इंजेक्शन आधारित प्रक्रियाओं का चलन तेजी से बढ़ा है। सोशल मीडिया और ब्यूटी क्लीनिकों में इन ट्रीटमेंट्स का आक्रामक प्रचार भी किया जा रहा था।