कनीना नगर पालिका पूर्व प्रधान और वर्तमान में वार्ड 14 के पार्षद राजेंद्र सिंह लोढ़ा (79) की वीरवार को सड़ह हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार को रेवाड़ी नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और कनीना में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि गुरुवार शाम को वे राजस्थान में किसी शादी समारोह में शरीक होने जा रहे थे। इसी दौरान जब वे रेवाड़ी से आगे बढ़े तो एक तेज रफ्तार बस ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी बीच से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और इसमें राजेंद्र व उनका एक साथी घायल हो गए। हादसे में घायल होने पर राहगीरों ने उन्हें रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर उपचार के दौरान राजेंद्र ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह परिजनों के पहुंचने पर शव पोस्टमार्टम कराया गया और दोपहर को कनीना में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके देहांत की खबर से कनीना कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर शोक जताया। राजेंद्र सिंह लोढ़ा की पुत्रवधू डॉ. रिंपी यादव वर्तमान में कनीना नगर पालिका की प्रधान हैं। उनके बेटे होशियार सिंह, सुभाष लोढ़ा और जेपी लोढ़ा हैं। राजेंद्र लोढ़ा वर्ष 1987 से 1991 और 1995 से 2000 तक दो बार कनीना नगर पालिका के चेयरमैन रहे। इसके अलावा वे एक बार कनीना मार्केट कमेटी के प्रधान भी रह चुके हैं। उन्होंने तीन बार कनीना विधानसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।