फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महेंद्रगढ़: ऑनलाइन पोर्टल धीमा होने से कर्मचारियों और लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी

सुधीर शर्मा Updated Wed, 19 Aug 2026 08:33 PM IST

महेंद्रगढ़। राजस्व विभाग के नए पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी खामियों और बार-बार बदलते इंटरफेस को लेकर रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण इंतकाल दर्ज करने का काम प्रभावित हो रहा है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दी रेवेन्यू पटवारी एसोसिएशन के जिला प्रधान सुनील राजपूत ने बताया कि 22 मई को नया रेवेन्यू पोर्टल शुरू किया गया था, लेकिन इसके बाद करीब तीन से चार बार इसका इंटरफेस बदला जा चुका है। पोर्टल में तकनीकी खामियों के चलते कई मामलों में इंतकाल दर्ज होने के बाद किसानों के नाम, जमीन का रकबा और हिस्सेदारी जैसी जानकारी गायब होने की शिकायत सामने आ रही है। इससे राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने और भविष्य में विवाद पैदा होने की आशंका रहती है। यदि पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण राजस्व रिकॉर्ड में कोई गलती होती है तो इसकी जिम्मेदारी आईटी सेल की होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पोर्टल की तकनीकी कमियों को तत्काल दूर किया जाए और रिकॉर्ड से संबंधित समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। वर्तमान में केवल 20 मीटर की जियो-फेंसिंग के भीतर जाकर फोटो लेने और बार-बार फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया व्यावहारिक नहीं है। बाजरे जैसी ऊंची फसलों के बीच खेतों में जाकर इतनी कम दूरी से फोटो लेने में विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। इन परिस्थितियों में एक कर्मचारी दिनभर में महज 20 से 35 खसरों का ही सर्वे कर पाता है। उन्होंने सर्वे की जियो-फेंसिंग रेंज को 20 मीटर से बढ़ाकर कम से कम 150 मीटर करने की मांग की है। डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम आसान बनाने के लिए प्राइवेट सर्वेयरों की नियुक्ति का अवसर देने की भी मांग की है। इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सर्वे का काम भी निर्धारित समय में पूरा कराया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि जिले में 216 पटवारी व गिरदावर हड़ताल पर रहेंगे। महेंद्रगढ़ तहसील में करीब 200 से अधिक इंतकाल अटके हुए है, जिसके कारण रजिस्ट्री नहीं हुई है। उन्होंने कहा पटवारी 20 व 21 को दो दिन के हड़ताल पर रहेंगे। अगर समाधान नहीं हुआ तो हड़ताल अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। करीब 20 से 30 दिन पहले जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी, लेकिन अभी तक उसका इंतकाल दर्ज नहीं हो सका है। पटवारी के पास जाने पर पोर्टल के ठीक से काम नहीं करने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि रजिस्ट्री के बाद भी इंतकाल नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। डॉ. रामपाल यादव, माजरा खुर्द इंतकाल करवाने के लिए 10 दिन से चक्कर लगा रहा है। ऑनलाइन पोर्टल की धीमी गति के कारण कई बार घंटों इंतजार करने के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता। ऐसे में हड़ताल के कारण दो दिन तक कामकाज बंद रहने से उन्हें दोबारा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे। तेजपाल प्रजापत, मालड़ा बास

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें