नारनौल। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने मंगलवार को नारनौल के एक्सईएन कार्यालय में तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केंद्रीय परिषद के आह्वान पर यूनिट स्तर पर आयोजित किया गया। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन को चेतावनी दी। प्रदर्शन की अध्यक्षता केंद्रीय परिषद के सचिव सुभाष रोहिल्ला ने की। मंच का संचालन एएचपीसी के प्रधान वीरेंद्र यादव ने किया। यूनिट सचिव प्रमोद शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रमुख मांगों की जानकारी दी। इन मांगों में एग्री डिस्कॉम का विरोध, कैशलेस मेडिकल सुविधा, जोखिम भत्ता और बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक शामिल हैं। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करना, रिक्त पदों को भरना और ड्यूटी के घंटे निर्धारित करना भी प्रमुख मांगें हैं। यूनिट प्रधान सत्य प्रकाश यादव ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद सभी यूनिटों में तीन दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। एएचपीसी के प्रधान वीरेंद्र यादव ने कहा कि मांगें न मानने पर तीन दिवसीय हड़ताल होगी। यह हड़ताल 11, 12 और 13 अगस्त 2026 को की जाएगी। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के छाजू राम रावत ने इस आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हड़ताल से उत्पन्न किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी सरकार और निगम प्रबंधन की होगी। प्रदर्शन में एसडीओ लोकेश कुमार, एसडीओ अमित सोनी और एसडीओ मोहम्मद अजहरूद्दीन सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे।