डॉ. भीमराव आंबेडकर जन जागरण समिति कनीना एवं सर्व समाज की ओर से वाल्मीकि धर्मशाला कनीना में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आईपीएस एडीजीपी वाई पूरन कुमार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में वक्ताओं ने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार दलित वर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ हो रहे अत्याचारों पर मौन है। समाजसेवी ठाकुर अतर लाल ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। यदि आईपीएस वाई पूरन कुमार को न्याय नहीं मिला तो समाज के लोग सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेंगे। समिति के प्रधान के.के. पूनिया ने कहा कि “हमारी लड़ाई न्याय और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। वाई पूरन कुमार जैसे ईमानदार अधिकारी के साथ हुआ अन्याय दलित समाज पर सीधा प्रहार है। वहीं डॉ. पवन कांगड़ा ने कहा कि समाज को अब एकजुट होकर न्याय की इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ देना होगा। यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान का प्रश्न है। बैठक के उपरांत कैंडल मार्च भी निकाला गया। कैंडल मार्च डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक से शुरू होकर सरकारी स्कूल, नगर पालिका के पुराने भवन, बिजली घर, हनुमान मंदिर होते हुए टी-प्वाइंट मंडी तक पहुंचा। इस दौरान लोगों ने वाई पूरन कुमार को न्याय दो, संविधान की रक्षा करो, दलित एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगाए। बैठक एवं कैंडल मार्च में सचिन रंगा, हरिंदर शर्मा, रविंद्र, महिपाल, देवेंद्र, सज्जन कुमार, हेमराज सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।