राजकीय महाविद्यालय नारनौल में सीपीआर जागरूकता सप्ताह के तहत मंगलवार को विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण की प्राचार्या डॉ. पूर्ण प्रभा ने अध्यक्षता की। रेडक्रॉस और सेंट जॉन एंबुलेंस के नोडल अधिकारी और सीनियर सीनियर ब्रिगेड ऑफिसर डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आज के समय में सीपीआर तकनीक का ज्ञान हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है क्योंकि यह संकट की घड़ी में किसी की जान बचाने में सहायक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने सभी विभागों से अपील की कि अपने कर्मचारियों को भी इस प्रशिक्षण से अवगत कराएं ताकि आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित सहायता दी जा सके। इस कार्यक्रम में सेंट जॉन एंबुलेंस जिला प्रशिक्षण अधिकारी पवित्रा यादव ने बताया कि ह्रदयाघात के दौरान मरीजों के जीवन दान में सीपीआर की भूमिका अहम होती है। महाविद्यालय कुलसचिव व लाइफ साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्य पाल सुलोदिया ने बताया कि ह्रदयाघात के तत्काल बाद सीपीआर न दिए जाने पर मरीज की मौत होने का खतरा हर मिनट में दस फीसदी तक बढ़ जाता है। इस अवसर पर सीनियर प्रोफेसर डॉ. नरेश यादव, डॉ. महेंद्र मूदगिल, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. सुभाषचंद्र, डॉ. ध्वनित सैनी, डॉ. धीरज, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. पूनम, डॉ. ज्योति जिंदल, डॉ. पूनम यादव, डॉ. अजय, डॉ. सुरेंद्र और सैकड़ों विद्यार्थियों ने इस जीवन रक्षक प्रणाली की ट्रेनिंग प्राप्त की।