शहर में कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी के चलते हलवाई अब पुराने विकल्पों की ओर लौटने को मजबूर हो गए हैं। महावीर चौक स्थित दुकानदार मनोज ने बताया कि करीब 20 साल पहले इस्तेमाल में लाई गई डीजल भट्ठी को उन्होंने फिर से चालू कर दिया है। गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिलने से काम प्रभावित हो रहा था, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। मनोज के अनुसार डीजल भट्ठी चलाने में खर्च भी कम नहीं है। करीब दो घंटे में पांच से छह लीटर डीजल की खपत हो जाती है, जिससे लागत बढ़ रही है। इसके बावजूद काम सुचारू रूप से चलाने के लिए यह विकल्प अपनाना जरूरी हो गया है। शहर के अन्य हलवाई भी सिलिंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं और वैकल्पिक साधनों पर विचार कर रहे हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से गैस आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।