नगरपालिका द्वारा नई सड़क निर्माण के लिए तोड़ी गई सड़क अब आमजन के लिए जी का जंजाल बन गई है। कुछ महीनों पूर्व लोहारू शहर में मस्जिद के पास से लेकर सती मंदिर तक सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया था। यह कार्य बाल्मीकि चौक तक तो पूरा कर दिया गया, लेकिन शेष बची सड़क को तोड़कर अधर में छोड़ दिया गया। टूटी हुई सड़क के कारण राहगीरों, स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हुई बारिश के चलते मार्ग पर पानी भर गया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। कीचड़ और गड्ढों के कारण अकेले व्यक्ति, महिलाएं और बच्चे इस रास्ते से गुजरने में असमर्थ हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे अपनी समस्या नगरपालिका और एसडीएम के समक्ष कई बार रख चुके हैं, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है। लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी हो रही है और यदि सड़क को समय पर बनाना ही नहीं था तो उसे तोड़ा ही क्यों गया? गौरतलब है कि इसी मार्ग पर दो श्मशान भूमि स्थित हैं, साथ ही सरकारी व निजी विद्यालय भी हैं। यह सड़क झुप्पा गांव को जोड़ती है तथा सतनाली व दादरी जाने वाले कई वाहन भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। फाल्गुनी माह के चलते खाटू श्याम धाम जाने वाले सैकड़ों श्रद्धालु भी इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जिससे यातायात और अधिक बढ़ गया है। नगरपालिका की ओर से बार-बार यही आश्वासन दिया जा रहा है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। इस पूरे मामले में लोहारू नगरपालिका प्रधान चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया है।