बिजली जैसी आवश्यक सेवा एवं आवश्यकता को निजी हाथों में सौंपने व प्रदेश में जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के खिलाफ रोहतक में प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इसके लिए संगठन का एक जत्था किसान नेता कामरेड अभय सिंह के नेतृत्व में वीरवार को नारनौल से सुबह रवाना हुआ। उन्होंने रवाना होने से पहले नारेबाजी की। जिसमें एआईकेकेएमएस जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह, ईश्वर सिंह तोताहेड़ी, हंसराज गणियार, डॉ. सीएस यादव, बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा के अटेली मंडी प्रधान डॉ. राजेंद्र प्रसाद खरब, सिहमा ब्लाक प्रधान मास्टर बलवंत सिंह, मास्टर सुबे सिंह, छाजूराम रावत रवाना हुए। किसान नेता कामरेड अभय सिंह ने बताया कि बिजली निजी हाथों में सौंपने से किसानों के लिए सिंचाई महंगी हो जाएगी। बिजली महंगी होने पर गरीबों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह ने बताया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत लगाए जा रहे हैं, जो संसद में लंबित बिजली संशोधन बिल -2022 के पिछले दरवाजे से लागू करने की ही योजना है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद खरब व मास्टर बलवंत सिंह ने कहा कि स्मार्ट मीटर सरकार की एक योजना है, कोई कानून नहीं। जो बिजली उपभोक्ताओं को मानने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।