नारनौल। सोनम वांगचुक के अनशन के समर्थन में शनिवार को आजाद चौक पर विभिन्न संगठनों ने 13 घंटे का सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान धरने के संयोजक गिरीश खेड़ा और पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी राम अवतार ने 13 घंटे का उपवास भी रखा। प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। गिरीश खेड़ा ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने सोनम वांगचुक से बातचीत करने के बजाय उन्हें जबरन धरने से उठाया। उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे लोगों पर लाठीचार्ज भी किया गया। खेड़ा ने यह भी दावा किया कि सरकार 20 जुलाई को होने वाले संसद भवन मार्च को सफल नहीं होने देना चाहती। राजवती यादव ने सरकार के रवैये को तानाशाही बताया। मनजीत सिंह ने कहा कि पेपर लीक के कारण बुद्धिशाली और हकदार बच्चों के अधिकार कुचले जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि सोनम वांगचुक सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। छाजू राम ने बताया कि सोनम वांगचुक के साथ आठ अन्य युवा भी अनशन पर बैठे हैं। धीरज शर्मा ने सरकार को संवेदनहीन और तानाशाह बताया, जो आंदोलनों को कुचलना चाहती है। श्याम सुंदर सोनी ने कहा कि लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। इस अवसर पर अनेक लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर जयसिंह सैनी, संजय सैनी, रिंकू सैनी, विवेक भटनागर, एडवोकेट वीरभान श्योराण, मेनपाल यादव, भूतपूर्व फौजी करण सिंह, रामदेव, गोविंद सोनी, जोगिंदर खन्ना, मनोज ढेनवाल, आत्मा राम सैनी हवा सिंह कैप्टन विक्रम सिंह, जितेंद्र सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।