कुरुक्षेत्र में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले को जलप्रलय की चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 सितंबर 2025 को भी तेज बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे शहर के विभिन्न सेक्टरों, कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर भारी जलभराव हो गया है। खेतों में खड़ी फसलें डूब चुकी हैं, जबकि मारकंडा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और 18 से अधिक गांवों में जलमग्न स्थिति के बीच राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।शहर के सेक्टर 7, 5, 13, 17, विष्णु कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, अमीन रोड, ताऊ देवीलाल चौक, अंबेडकर चौक, बिरला मंदिर सहित कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो चुकी हैं। जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है, और लोग घरों में कैद हो गए हैं। भारी बारिश के कारण कई निजी स्कूलों ने आज छुट्टी घोषित कर दी है, जबकि नगर परिषद की टीमें पंप लगाकर पानी निकालने के प्रयास कर रही हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर सहित हरियाणा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। मारकंडा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जो हिमाचल प्रदेश और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का परिणाम है। नदी में वर्तमान में 18 हजार क्यूसेक से अधिक पानी बह रहा है, और हिमाचल से अतिरिक्त 40 हजार क्यूसेक पानी आने की आशंका है। इससे नदी खतरे के निशान से मात्र 1 मीटर नीचे बह रही है। शाहाबाद, इस्माइलाबाद और पिहोवा क्षेत्र के 18 से अधिक गांव, जैसे कठवा, गुमटी, कलसाना, मलकपुर, मुगल माजरा, तंगौर, नैसी, जलबेहड़ा, झांसा, मदनपुर आदि जलमग्न हो चुके हैं। इन गांवों में सड़कें टूट चुकी हैं, घरों में पानी घुस गया है, और सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं के चारे का संकट पैदा हो गया है, और कई जगहों पर लोग ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं। जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं, जबकि राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं। डीसी ने कंट्रोल रूम नंबर 01744-221035 जारी किया है, और ग्रामीणों से नदी किनारे न जाने की अपील की है। भारी बारिश के कारण 17 स्कूलों (पिहोवा के 9 और शाहाबाद के 8) में छुट्टी घोषित की गई है।