अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव शिल्प व सरस मेले के साथ आज संपन्न होगा। 21 दिन तक चले इस मेले में आज अंतिम दिन सुबह से ही पर्यटकों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। संभावना जताई जा रही है कि दोपहर बाद तक यह भीड़ और बढ़ेगी। हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचने से शिल्पकारों के चेहरे भी खिले हुए हैं और उन्हें आज ही लाखों का कारोबार होने की उम्मीद है। बता दें कि 15 नवंबर से गीता महोत्सव का शुभारंभ शिल्प व सरस मेले के साथ ही हुआ था। महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से एक दिसंबर तक हुए जबकि शिल्प व सरस मेला 15 नवंबर से शुरू हुआ था, जिसका शुभारंभी राज्यपाल प्रो असीम घोष ने गीता पूजन व घंटा बजाकर किया था। 21 दिन तक देश भर से आए शिल्पकारों की शिल्पकला को देख हर कोई हैरान रहा तो उनके सामान की जमकर खरीददारी भी की। संभावना जताई जा रही है कि मेले के दौरान करोड़ों का कारोबार हुआ है और शिल्पकारों के चेहरे खिले हुए हैं। मेले के दौरान देश भर से आए लोक कलाकारों ने भी जमकर रंग जमाया और आज अंतिम दिन भी अनेक कलाकार अपनी-अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। देर शाम तक ये लोक कलाकार व शिल्पकार रवाना होना शुरू हो जाएंगे।