उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव से निपटने के लिए यूजीसी द्वारा 13 जनवरी को नोटिफाई किए गए नियमों को लेकर धर्मनगरी में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। इन नियमों के विरोध में कड़ा रोष जताते हुए पुतला भी जलाया तो जमकर नारेबाजी की। ब्राह्मण धर्मशाला एवं सभा के प्रधान पवन शर्मा पहलवान, नौजवान सभा के प्रधान एवं समाजसेवी अशोक शर्मा के नेतृत्व में सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में रेलवे रोड स्थित भगवान परशुराम चौक पर एकत्रित हुए, जहां उन्होंने जमकर रोष प्रदर्शन किया। नए नियमों के विरोध में नारेबाजी करते हुए चौक से रेलवे स्टेशन तक नए कानून का पुतला लेकर रोष मार्च भी निकाला तो जमकर नारेबाजी की। यहां पुतला जलाया गया तो वहीं प्रधान पवन शर्मा पहलवान व अशोक शर्मा ने कहा कि ये नियम देश में आपसी भाईचारा तोड़ने की दिशा में बनाए गए हैं। इससे आपसी भेदभाव बढ़ेगा तो शिक्षण संस्थानों से निकलकर इसका असर दूसरी जगहों पर भी पड़ेगा। इससे सामाजिक तानाबाना खराब होगा तो युवा वर्ग में गलत संदेश जाएगा । ऐसे में यह कानून किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जा सकता। सरकार को यह कानून वापस लेना होगा। सरकार ने यह कानून वापस नहीं लिया तो और भी कड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। अशोक शर्मा ने कहा कि सर्वसमाज के हितों को देखते हुए सरकार को कानून बनाने चाहिए। नेता इस कानून को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं कि इसका विरोध इसलिए किया जा रहा है कि इसमें ओबीसी को शामिल किया गया है जबकि सामान्य वर्ग को इस पर आपत्ति नहीं है। आपत्ति यह है कि इस कानून के तहत सामान्य वर्ग की कोई सुनवाई नहीं हो पाएगी। किसी ने झूठे भी आरोप लगा दिए तो उस पर भी कोई कार्रवाई तय नहीं की गई है। ऐसा काला कानून अंग्रेजों के समय से लेकर आज तक देखने को नहीं मिला है। यह कानून रद्द करना चाहिए। सर्व समाज की राय लेकर ही नया कानून लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शोषण जरूरी नहीं है किसी विशेष वर्ग के लोगों का ही शोषण हो सकता है जबकि ऐसे हालात का सामना सामान्य वर्ग के किसी व्यक्ति को भी करना पड़ सकता है। कुरुक्षेत्र लोकसभा से ही कैलाशो सैनी, राजकुमार सैनी व नायब सैनी लोकसभा सांसद रह चुके हैं जो ओबीसी वर्ग से आते हैं जबकि इस क्षेत्र में सामान्य वर्ग के मतदाता ज्यादा है, इसके बावजूद भी कोई भेदभाव नहीं है। इस दौरान अश्वनी शांडिल्य, राजेश सिंगला, रघुवीर गर्ग, राजपाल, साेनू सहित अन्य लोग भी शामिल रहे।