धान का उठान न होने व लगाए जा रहे कटों के विरोध में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी डीसी कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। धान से भरी ट्रैक्टर-ट्राली लेकर पहुंचे गुरनाम सिंह ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया तो जमकर रोष भी जताया। शाम करीब साढ़े तीन बजे शुरू किया गया धरना देर रात तक भी जारी रहा तो वहीं उनके साथ प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना, कैथल जिलाध्यक्ष गुरनाम फरल, विक्रम कसाना सहित अन्य किसान भी धरने पर बैठ गए। चढूनी ने ऐलान किया कि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो धरना दिन-रात चलाया जाएगा और रात से ही डीसी कार्यालय के समक्ष किसान अपने-अपने ट्रैक्टर ट्राली धान से लोड कर यहां पहुंचेंगे और यहीं पर मंडी लगाई जाएगी। चढूनी ने धरने पर बातचीत करते हुए कहा कि अनाजमंडियों में कट के नाम पर किसानों से सरेआम लूट की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी राइस सैलर संचालकों से मिलीभगत किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाकियू ने कड़ा संघर्ष किया तो सरकार ने 22 सितंबर से धान खरीद का ऐलान किया लेकिन आज तक भी खरीद सही रूप से नहीं की जा रही। सूखी फसल को भी माश्चर अधिक बताकर मनमाने रेट में खरीदा जा रहा है और किसान मजबूरी में उसी रेट में बेच रहे हैं। चढूनी ने कहा कि किसानों को कट के नाम पर लूट के चलते उठान सुचारू नहीं किया जा रहा। जो ट्राली धान की लेकर वे जिला सचिवालय पहुंचे हैं, उसकी कटाई भी 30 सितंबर से पहले की की हुई है और इतने दिन बाद भी इसे भी लेने को तैयार नहीं है।