कुरुक्षेत्र। समाधान शिविर में अब आपसी झगड़े से लेकर घरेलू विवाद तक पहुंचने लगे हैं। अनेक ऐसे मामले भी हैं, जो समाधान शिविर के लिए तय नियमों से बाहर माने जाते हैं। वीरवार को भी जिला सचिवालय में लगाए गए शिविर में ऐसे कईं मामले आए, जिनमें आठ से अधिक का निपटारा किया गया तो वहीं 20 से मामलों के जल्द निपटान के लिए जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को अधिकारी गंभीरता से लें। शिविर में प्राप्त शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ-साथ जो भी शिकायतें प्राप्त होती हैं, उन्हें पोर्टल पर अपलोड करें । इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिन विभागों की शिकायतें लंबित पड़ी हुई है, उनका जल्द समाधान करते हुए आमजन को राहत प्रदान करें। समाधान शिविर सरकार के सुशासन के संकल्प को जमीनी स्तर पर उतारने का एक प्रभावी माध्यम है। सभी विभागाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि प्रत्येक शिकायत को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाया जाए। गुणवत्तापूर्ण एटीआर पोर्टल पर अपलोड की जाए ताकि वह शिकायत दोबारा से न खुले। जिन शिकायतों का समाधान संभव नहीं है, उन्हें रिजेक्ट की श्रेणी में डाले। बॉक्स शिकायत दी तो बिजली समस्या का हो पाया समाधान : रामस्वरूप गांव बहादुरपुरा के रहने वाले बुजुर्ग रामस्वरूप का कहना था कि वे बिजली मीटर लगवाने के लिए अधिकारियों के लगातार चक्कर काट रहे थे। शिविर में समस्या रखी तो समाधान हो पाया। अब निगम की ओर से खंभा भी खड़ा किया जा चुका है।