कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में वीरवार देर शाम पिलरों से तेज धमाकों की आवाज आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया। शुक्रवार सुबह कार्यालय खुलते ही कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा और कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेन्द्र पाल ने प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया। इसके बाद कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए पूरी इमारत खाली करा दी गई और सभी कर्मचारियों को घर भेज दिया गया। प्रशासन ने शुक्रवार, शनिवार और रविवार तक प्रशासनिक भवन में कामकाज बंद रखने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भवन की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की है। इस दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर भवन का निरीक्षण किया। टीम अब यह पता लगाएगी कि पिलरों में धमाके किस वजह से हुए और भवन की संरचना कितनी सुरक्षित है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक भवन का निर्माण वर्ष 1961 में हुआ था। भवन काफी पुराना होने के कारण उसकी स्थिति को लेकर पहले भी चिंताएं जताई जाती रही हैं। वीरवार को अचानक हुए धमाकों के बाद कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल बन गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए भवन की पूरी जांच और आवश्यक मरम्मत होने तक किसी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही प्रशासनिक भवन में दोबारा कामकाज शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।