कुरुक्षेत्र कितना भी बड़ा अधिकारी हो, छोड़ूंगा नहीं... आज मैं सहायकों को पहले सम्मान के साथ बैठक से बाहर निकालता फिर विभाग के मुखिया से पूछता। लापरवाही मिलते ही कार्रवाई भी करता। यह कोई डॉयलॉग नहीं बल्कि विकास एवं पंचायत विभाग मंत्री कृष्ण लाल पंवार की चेतावनी थी, जो एक्शन मोड में दिखाई दिए। मौका था जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक का, जिसमें उन्होंने शुरू की गई बैठक की कार्रवाई को तत्काल रोक कर क्लास में शिक्षक की तरह एक- एक अधिकारी की हाजिरी ली, जिसके साथ ही कड़े शब्दो में उक्त चेतावनी दी। इस दौरान मत्स्य विभाग के एक कर्मी ने अपनी मौजूदगी बताई तो उन्होंने जिला अधिकारी के बारे में पूछा। वे स्पष्ट नहीं कर पाए तो कैबिनेट मंत्री ने जिला उपायुक्त को उनके बारे में पूरी जानकारी लेने और अगला कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक को किसी भी स्तर पर हल्के में न लिया जाए। यहां लोग अपनी फरियाद लेकर आते हैं और उनका निपटान कर राहत देना समिति का दायित्व है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जा सकती।