चंद्रयान-थ्री की लैंडिंग के दौरान गुरुत्वाकर्षण से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौती रही, जिसे इसरो ने तकनीकी नवाचारों से सफलतापूर्वक पार किया। चंद्रयान-थ्री की ऐतिहासिक लैंडिंग से पहले करीब दो साल तक कई बार सिमुलेशन परीक्षण किए, ताकि चंद्रमा के कम गुरुत्वाकर्षण (पृथ्वी का 1-6 भाग) के प्रभाव को समझा जा सके। इसका परिणाम रहा कि चंद्रयान-थ्री की सफलता पर पूरा देश झूम उठा, जो हमारे लिए जीवन का सबसे अनमोल और गौरवमयी क्षण रहा। ये अनुभव इसरो के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सोमनाथ एस ने विशेष बातचीत के दौरान व्यक्त किए।